कुछ तस्वीरें ऐसी होती है, जिसके बारे में बोलने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि वह खुद ब खुद बोलती हैं। इंटरनेट पर विचरण करते हुए ऐसी ही एक तस्वीर मिली। आपके लिए- दिल तो बच्चा है जी....
डाक्टर साहब ने नाड़ी टटोली। फिर अपना आला निकाला और धड़कन की रफ्तार नापने लगे। अपनी डाक्टरी गणित से कुछ दिमागी गुणा-भाग किया। उसके बाद वह बोले- भाई साहब, अब कुछ नहीं हो सकता। पिताजी सकते में आ गए। हड़बड़ाते हुए बोले- डाक्टर साहब बात क्या है?
डाक्टर साहब बोले- अब वाकई बहुत देर हो गई है...आपके बेटे को लिखास रोग हो गया है...।
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